तेरा इंतज़ार…………….मनिंदर सिंह “मनी”

देख तुझे सोच रही दिल की वादियां,
कौन बन आफताब जमी पर उतर आया?,
हिरणी सी चाल चल, लिए दिलकश,
अदाएं, मुस्कुराते हुए कौन चला आया?,
काली घटाओ जैसी जुल्फे लिए, इश्क की,
बरसात करने बेमौसम कौन आया?,
झील सी आँखों मे सदियो से मिलने की,
प्यास लिए, खुद को बुझाने कौन आया,
चुप्पी सी चादर ओढे, सिर झुकाये,
चेहरे पर सूखे हंझू लिए कौन आया?
नज़र उठा देख ऐ “मनी” तेरा इंतज़ार,
खोया प्यार सुनसान गलियों मे लौट आया,

22 Comments

  1. Dr Chhote Lal Singh 01/08/2016
    • mani 01/08/2016
  2. Shishir "Madhukar" 01/08/2016
    • mani 01/08/2016
  3. Bindeshwar prasad sharma (bindu) 01/08/2016
    • mani 01/08/2016
  4. Meena bhardwaj 01/08/2016
    • mani 01/08/2016
    • mani 01/08/2016
  5. निवातियाँ डी. के. 01/08/2016
    • mani 01/08/2016
  6. babucm 01/08/2016
    • mani 01/08/2016
  7. Kajalsoni 01/08/2016
    • mani 01/08/2016
  8. ALKA 01/08/2016
    • mani 01/08/2016
  9. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 01/08/2016
    • mani 01/08/2016
  10. sarvajit singh 01/08/2016
    • mani 02/08/2016

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