नशा……………..४

नशा जवानी का अक्सर होश खो देता है
अच्छे – बुरे मे फर्क कि समझ खो देता है
भटक जाता इस उम्र में युवा जीवन पथ से
बहकर रवानी की लहर मे मंजिल खो देता है ।।



डी. के. निवातियॉ[email protected]

20 Comments

  1. mani 03/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 03/08/2016
  2. Dr Swati Gupta 03/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 03/08/2016
  3. Kajalsoni 03/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 03/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 03/08/2016
  4. MANOJ KUMAR 03/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 03/08/2016
  5. ANAND KUMAR 03/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 03/08/2016
  6. ALKA 03/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 03/08/2016
  7. sarvajit singh 03/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 03/08/2016
  8. Shishir "Madhukar" 03/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 03/08/2016
  9. C.m.sharma(babbu) 04/08/2016
    • निवातियाँ डी. के. 04/08/2016

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