जीवन – शिशिर मधुकर

जब होते हैं हम सफर में तो चोटें भी लगती हैं
कभी मुरादें मिलती हैं कभी तकदीरे ठगती हैं
इसी पाने गंवाने का ही तो बस नाम हैं जीवन
सयानो की मगर आँखे बस पाने को तकंती हैं

शिशिर मधुकर

10 Comments

  1. C.m.sharma(babbu) 31/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 01/08/2016
  2. Dr Swati Gupta 31/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 01/08/2016
    • Shishir "Madhukar" 01/08/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 31/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 01/08/2016
  4. sarvajit singh 31/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 01/08/2016

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