सरदार उद्यम सिंह…………….मनिंदर सिंह “मनी”

ठा ठा कर,
गूंज उठा काक्सटन हॉल,
दाग दी दो गोलिया,
माइकल ओ डायर के सीने में,
जलियांवाला हत्या कांड का,
प्रतिशोध लेने का ख्वाब,
लिए घूम रहा था,
सरदार उधम सिंह अपने सीने में,
इक्कीस साल बाद,
मिला अवसर, सैकड़ो लोगो,
की आवाज़े बन आग,
धधक रही थी उसके सीने में,
भीड़ से भरा हॉल,
सुना रहा था,
डायर अपने किस्सो को,
बेखबर हो, कुछ ही पल,
बाकी है उसके जीने में,
अचानक चली दो गोलिया,
सामने से उसके,
मुस्कुराहट लिए दाग दी,
सरदार उद्यम सिंह ने,
उसके सीने में,
कोशिश ना की,
भागने की,
खड़ा रहा दे दी गिरफ़्तारी,
जैसे मुकमल हो गयी,
वजह उसके जीने की,
शत-शत प्रणाम,
सरदार उधम सिंह को,
लुटा दिया जिसने सब कुछ,
देश के लिए,
एक बार भी नहीं,
सोचा खुद के लिए,
जिंदगी जीने की,

नोट :- आज सरदार उधम सिंह जी का बलिदान दिवस है | जिन्होंने जलियांवाला बाग़ में हुई सैकड़ो हत्याओ का बदला लिया था | उन्हें के बलिदान दिवस को समर्पित एक रचना आपके सामने रख रहा हु | जय हिन्द जय भारत

15 Comments

  1. C.m.sharma(babbu) 31/07/2016
    • mani 01/08/2016
  2. C.m.sharma(babbu) 31/07/2016
  3. Kajalsoni 31/07/2016
    • mani 01/08/2016
  4. Dr Swati Gupta 31/07/2016
    • mani 01/08/2016
  5. Shishir "Madhukar" 31/07/2016
    • mani 01/08/2016
    • mani 01/08/2016
  6. निवातियाँ डी. के. 31/07/2016
    • mani 01/08/2016
  7. sarvajit singh 31/07/2016
    • mani 01/08/2016

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