सावन का विज्ञान – शिशिर मधुकर

सावन का महीना ज्यों ज्यों ही पास आता हैं
उमस भरा मौसम सकल लोगों को सताता हैं
गोरियां राहत के लिए जो उपाय अपनाती हैं
उस से तो सावन में उमंगों की बहार आती हैं
झूलो का पड़ जाना मरा एक निरा बहाना है
असल खेल तो खुद को तपिश से बचाना है
मेहंदी के लाल रंग जब हाथों में लग जाते हैं
उबलते बदनो को वो ठण्डी राहत दिलाते हैं
झूलो के करम से सब पीड़ाएँ जब मिटती हैं
सजना से मिलन को फ़िर हूक सी उठती हैं
इशारों में गा गा कर जो मन के भेद बताते हैं
वही सब तो सावन के मधुर गीत कहलाते हैं
गोरी के मायके से मिठाइयां जो भी आती हैं
वो भी तो पाक मिलन की खुशियां मनाती हैं

शिशिर मधुकर

24 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 30/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 30/07/2016
  2. sarvajit singh 30/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 30/07/2016
  3. babucm 30/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 30/07/2016
  4. mani 30/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 30/07/2016
  5. Manjusha 30/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 30/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 30/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 30/07/2016
  6. RAJEEV GUPTA 30/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 30/07/2016
  7. निवातियाँ डी. के. 30/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 30/07/2016
  8. Kajalsoni 30/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 30/07/2016
  9. Dr Swati Gupta 30/07/2016
  10. Shishir "Madhukar" 30/07/2016
  11. अरुण कुमार तिवारी 30/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 30/07/2016

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