Homeमंजरी सिन्हा 'मंजूषा'जिंदगी जिंदगी Manjusha मंजरी सिन्हा 'मंजूषा' 28/07/2016 10 Comments जिंदगी बारिश की बूँद बन कर , बिखर जाए तो क्या हो? जिंदगी दूर खड़ी, दुल्हन सी , शरमाए तो क्या हो ? यूँ तो बीच बीच में, स्पीड ब्रेकर से , जिंदगी सभी का इम्तेहाँ लेती है. जिंदगी खुद ही ,तीन सौ साठ के एंगल में , पलट जाए तो क्या हो ? Tweet Pin It Related Posts मेरा सपना हार्ट एनलार्ज तेरी आत्मा About The Author Manjusha Born in Allahabad in 1959. Presently living in Faridabad. Advocate by profession and I like to read, write and do gardening. 10 Comments mani 28/07/2016 gajab ho bas gajab rachna………….. Reply Manjusha 28/07/2016 Many many thanks mani ji. Reply Shishir "Madhukar" 28/07/2016 बड़ा मुश्किल हो……………… Reply Manjusha 29/07/2016 यूँ भी आसाँ नहीं इस जिंदगी का सफर। बहुत बहुत धन्यवाद शिशिर जी। Reply C.m.sharma(babbu) 28/07/2016 हा हा हा…….कमाल ही होगा……360 का ऐंगल में घूमने से पिछले जन्म में भी जा सकते मेरे जैसे…..? Reply Manjusha 29/07/2016 पिछले जन्म में जाने की आवश्यकता नही है बब्बू जी। इसी जन्म में ही खट्टे मीठे सारे स्वाद ले सकते है जीवन के। धन्यवाद बब्बू जी। Reply निवातियाँ डी. के. 28/07/2016 जो भी होगा….जिंदगी का नया ….आयाम होगा….बस चलते जाइये । Reply Manjusha 29/07/2016 कभी कभी हम भरपूर चलना चाहतें हम मगर यह जिंदगी हमारे कदम रोक देती है। अच्छी प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत धन्यवाद डी. के जी। Reply Kajalsoni 29/07/2016 बहुत खूब लिखा आपने मैम । Reply Manjusha 29/07/2016 हार्दिक धन्यवाद काजल जी। Reply Leave a Reply Cancel reply Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.
gajab ho bas gajab rachna…………..
Many many thanks mani ji.
बड़ा मुश्किल हो………………
यूँ भी आसाँ नहीं इस जिंदगी का सफर। बहुत बहुत धन्यवाद शिशिर जी।
हा हा हा…….कमाल ही होगा……360 का ऐंगल में घूमने से पिछले जन्म में भी जा सकते मेरे जैसे…..?
पिछले जन्म में जाने की आवश्यकता नही है बब्बू जी। इसी जन्म में ही खट्टे मीठे सारे स्वाद ले सकते है जीवन के। धन्यवाद बब्बू जी।
जो भी होगा….जिंदगी का नया ….आयाम होगा….बस चलते जाइये ।
कभी कभी हम भरपूर चलना चाहतें हम मगर यह जिंदगी हमारे कदम रोक देती है। अच्छी प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत धन्यवाद डी. के जी।
बहुत खूब लिखा आपने मैम ।
हार्दिक धन्यवाद काजल जी।