इंतज़ार …..

हर सुबह उठता हूँ…
चोखट पे दिया जलाता हूँ….
उसके आने का इंतज़ार है…
हर आहट पे चोंक जाता हूँ …

दिन के साथ साथ उसके सुनहरे रूप को निहारता हूँ….
वो ऐसे मुस्कुराती है वो ऐसे खिलखिलाती है….
उसकी चाल से हर धुन सजाता हूँ….
हर पल की तस्वीर बनाता हूँ…
हर आहट पे चोंक जाता हूँ…

तितलियों में उसकी शोखिओं को संभालता हूँ…
खिलते फूलों में उसकी आभा को संवारता हूँ…
उसकी खुशबू से मदमस्त पाता हूँ …
जब भी पवन के झोंके से टकराता हूँ….
हर आहट पे चोंक जाता हूँ…

घुमड़ते बादलों से गेसुओं की तस्वीर बनाता हूँ…
बिजली चमकती चूड़िओं से ऐसी याद दिलाता हूँ…
उसी के गीत गुनगुनाता हूँ …
मयूर बन झूम झूम जाता हूँ….
हर आहट पे चोंक जाता हूँ…

मैं शाम को दिया नहीं जलाता हूँ….
उसकी चमकती बिंदिया की रौशनी से….
चाँद से भी ज्यादा मोहिनी उसकी चांदनी से…
दिल के आँगन को जगमगाता हूँ….
हर आहट पे चोंक जाता हूँ…

मैं शाम को दिया नहीं जलाता हूँ…..
रात काली उसकी आँखों का काजल बनाता हूँ…
हसीं पलों की याद के आँचल से लिपट जाता हूँ…
उसकी गहरी आँखों में खो जाता हूँ…सो जाता हूँ….
सुबह होती है…उठता हूँ…चोखट पे दिया जलाता हूँ…..
उसके आने का इंतज़ार है….

\
/सी.एम्. शर्मा (बब्बू)

22 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 28/07/2016
    • babucm 29/07/2016
    • babucm 29/07/2016
  2. mani 28/07/2016
    • babucm 29/07/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 28/07/2016
    • babucm 29/07/2016
    • babucm 29/07/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 28/07/2016
    • babucm 29/07/2016
  5. Kajalsoni 28/07/2016
    • Meena bhardwaj 28/07/2016
      • babucm 29/07/2016
    • babucm 29/07/2016
  6. शीतलेश थुल 28/07/2016
    • babucm 29/07/2016
  7. sarvajit singh 28/07/2016
    • babucm 29/07/2016
  8. Meena bhardwaj 29/07/2016
    • babucm 29/07/2016

Leave a Reply