मजहब:-विजय

सवाल थे कुछ लोगो से पूछने
जवाब दो तब हम समझे
क्यों जाति-मजहब में लड़ते हो
इंसान होकर भी, इंसानो का खून बहाते हो

अगर जो जाति मजहब होता
सूरज की इन किरणों का
फिर बतलाओ रोशन होता
कैसे ये जग सारा

अगर जो जाति मजहब होता
नदी की बहती धारा का
फिर बतलाओ किन कंठो को
मिलता जीवन अमृत प्याला

अगर जो जाति मजहब होता
काले मंडराते बादल का
फिर बतलाओ बूँद बारिश का
धर किसका रहा भिंगोता

अगर जो जाति मजहब होता
झोंका इन हवाओ का
फिर बतलाओ किसकी सांसो में
घुल कर यह धड़कन बन रहा होता

अगर जो जाति मजहब होता
इस धरती की मिटटी का
फिर बतलाओ किन खेतो से
सोना उगल रहा होता

8 Comments

  1. शीतलेश थुल 12/08/2016
    • vijaykr811 13/08/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 12/08/2016
    • vijaykr811 13/08/2016
  3. babucm 12/08/2016
    • vijaykr811 13/08/2016
  4. mani 12/08/2016
    • vijaykr811 13/08/2016

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