हवा

ठहर गई जो एक पल हवा
न दुआ काम आयेगी न दवा।
खाक में मिल जायेंगे जिन्दगी
एहतराम में फंस जायेंगे लोग
फिर गुरूर मत करना ऐसा
कि काम नहीं आयेगा पैसा।
तुम समझते हो ऐसे जी लेंगे हम
बड़ी असानी से खून पी लेंगे हम।
लेकिन जायेंगे बचके कहाॅ अब
फिर तुम्हें मार ही देगी ये हवा।
ये हवा किसी की जागिर नहीं
खुदा की रहम है किसी की जमीर नहीं।
खुद को बचा लो अब न कोई दाग लगे
जिन्दगी सहज में गुजर जाए न आग लगे।
ठहर गई जो एक पल हवा
न दुआ काम आई न दवा।

बी पी षर्मा बिन्दु

Writer Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)
D/O Birth 10.10.1963
Shivpuri jamuni chack Barh RS Patna (Bihar)
Pin Code 803214

8 Comments

  1. babucm 28/07/2016
    • Bindeshwar prasad sharma (bindu) 28/07/2016
  2. mani 28/07/2016
    • Bindeshwar prasad sharma (bindu) 28/07/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 28/07/2016
    • Bindeshwar prasad sharma (bindu) 28/07/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 28/07/2016
  5. Bindeshwar prasad sharma (bindu) 28/07/2016

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