नेत्रदान (Donate eyes)

देखू मैं भी इस जहान को ,,,,
खुदा ने बनाया जिसको ,,,,
रहमत है खुद की तुम पे,,,
कि उसने दी है आँखे तुम को ,,,,

बस एक वादा चाहता हूं तुम से ,,,
कि मृत्यु के बाद नेत्रदान का संकल्प करो मन से ,,,,
ताकि मुझे भी मिल जाय आँखे ,,,,
और मैं भी देखू इस जहान को ,,,,

मरने के बाद तो ये जल के ख़ाक हो जायेगी,,,,
क्यूँ ना इसे बना के तोहफा अपने मरने के बाद दे दो मुझको ,,,,
ताकि मरने के बाद भी,,, ,
मेरे संग देख सको इस जहान को तुम भी ,,,,
रंग क्या होते है हमको पता नही ,,,,
हम तो जानते है बस काले रंग को ही ,,,,
भर देगी इंद्रधनुष के रंगों से मेरी जिंदगी ,,,,
तुम्हारी ये छोटी सी कसम नेत्रदान की ,,,,

दिखती है ये दुनिया कैसी ,,,,
हमे भी तो देखनी है ,,,,
अब तक जाना है खुदा की मूर्त को हाथो से ,,,,
अब आँखों से उसकी सूरत देखनी है ,,,,
इसलिए करो प्रण नेत्रदान का हर कोई,,,,
ताकि रंगों से भरी इस दुनिया को ,,,,
देख सके हर कोई।

8 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 28/07/2016
  2. अरुण कुमार तिवारी 28/07/2016
  3. Dr C L Singh 28/07/2016
  4. babucm 28/07/2016
  5. Amit 28/07/2016
  6. mani 28/07/2016
  7. Kajalsoni 28/07/2016
  8. निवातियाँ डी. के. 28/07/2016

Leave a Reply