वफ़ा

मतलबी दिखता है जग सारा,
फिर भी किसी को अगर मुहब्बत में वफ़ा मिल जाए !
मंजर बस यूँ समझ लीजिये,
सूरज पश्चिम से निकला, कमल खार में खिल जाए !!
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डी. के. निवातियाँ [email protected]

22 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 27/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 27/07/2016
  2. Shishir "Madhukar" 27/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 27/07/2016
  3. babucm 27/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 27/07/2016
      • babucm 27/07/2016
        • निवातियाँ डी. के. 27/07/2016
  4. mani 27/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 27/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 27/07/2016
  5. RAJEEV GUPTA 27/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 27/07/2016
  6. Kajalsoni 27/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 27/07/2016
  7. Meena bhardwaj 27/07/2016
  8. निवातियाँ डी. के. 27/07/2016
  9. Dr C L Singh 27/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 27/07/2016
  10. sarvajit singh 27/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 27/07/2016

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