याद आते है वो दिन

आज भी याद आ जाते है वो दिन l
जब फिल्म आती थी सिर्फ एक दिनll
रविवार को रहता था उसका इंतजार l
खाना बनाकर,रहते थे देखने को तैयारll

आज भी याद आ जाते है वो दिन l
अपनों की चिट्ठी आती जिस दिनll
चिट्ठी में लिखे शब्द याद आते है l
कुशलता भगवान से नेक चाहते है ll

आज भी याद आ जाते है वो दिन l
कागज़ की कश्ती बनाते जिस दिन ll
अपनी कश्ती को पानी में बहाते थे l
कोई भी जीते,सब खुश हो जाते थे ll

आज भी याद आ जाते है वो दिन l
लुका-छुपी खेलते मिलकर जिस दिनll
दूसरे के छिपने पर, ढूढ़ने लग जाते थेl
मिलने पर धप्पा बोल, खुश हो जाते थे ll

अब ……………………….

दोस्तों की दोस्ती, शब्दों में सिमट गयी l
रिश्तों की मिठास इंटरनेट पे अटक गयी ll
यादे आती है पर नहीं आते अब वो दिन l
ना जाने कहाँ गए, वो प्यार भरे दिन ..ll

ना जाने कहाँ गए, वो प्यार भरे दिन …

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17 Comments

    • RAJEEV GUPTA 25/07/2016
  1. रामबली गुप्ता 25/07/2016
    • RAJEEV GUPTA 25/07/2016
    • RAJEEV GUPTA 25/07/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 25/07/2016
    • RAJEEV GUPTA 25/07/2016
  3. babucm 25/07/2016
    • RAJEEV GUPTA 25/07/2016
  4. Shishir "Madhukar" 25/07/2016
    • RAJEEV GUPTA 25/07/2016
  5. kiran kapur gulati 25/07/2016
  6. sarvajit singh 25/07/2016
  7. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 26/07/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 26/07/2016
  8. RAJEEV GUPTA 26/07/2016

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