खुद की छवि

मुक्तक
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खुद की छवि बनाने में लग गया इंसान
समाज में ये कैसे चलाये अपनी दुकान
फायदा अपना हो दुसरा हो चाहे शिकार
खुद को बडा बनाने में कर दिया नुकसान
अभिषेक शर्मा
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19 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 25/07/2016
  2. Dr Chhote Lal Singh 25/07/2016
  3. Kajalsoni 25/07/2016
  4. RAJEEV GUPTA 25/07/2016
  5. रामबली गुप्ता 25/07/2016
  6. mani 25/07/2016
  7. babucm 25/07/2016
  8. Shishir "Madhukar" 25/07/2016
  9. sarvajit singh 25/07/2016
  10. Dr Chhote Lal Singh 26/07/2016
  11. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 26/07/2016

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