लब पर तेरा नाम आयें तो //ग़ज़ल

लब पर तेरा नाम आयें तो मुस्कुरा लेते है
तड़प दिल की दुनिया से छुपा लेते है

याद आयें तो पीते नहीं मैखाने में जाम
तेरी तस्वीर देख-देख रात गुजार लेते है

ज़िंदगी के किसी मोड़ पर मिल तो सही
उलझन चाहत की मिल के सुलझा लेते है

शिकवें हर ग़म भूला के सीने से लगा ले
अमिट प्रीत की डोरी फ़िर से बाँध लेते है

दरम्यां मिट जाएगी,नफ़रत दिल का धूल जाएगा
आ एक दूसरे के दिल को घर बना लेते है

कवि :-दुष्यंत कुमार पटेल “चित्रांश”

13 Comments

  1. babucm 25/07/2016
  2. babucm 25/07/2016
  3. Dushyantpatel 25/07/2016
  4. Kajalsoni 25/07/2016
  5. Dushyantpatel 25/07/2016
  6. निवातियाँ डी. के. 25/07/2016
  7. mani 25/07/2016
  8. Dushyant Patel 25/07/2016
  9. सोनित 25/07/2016
  10. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 26/07/2016
  11. Dushyantpatel 27/07/2016

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