यही विकास है……….मनिंदर सिंह “मनी”

पहुंच रहे संसद वो गाड़ियों में,
छप्पन भोज खा रहे,
छब्बीस रुपए की थालियो में,
कुछ साल पहले,
जो जी रहे थे तंग-हालियो में,
रहते है अब वो बंगलो की,
चमकती अलीशानियो में,
कभी आसमान थी छत,
उनके सिरो पर,
कभी जीते थे,
दूसरों के रहमो कर्म पर,
सभी ने मिलकर,
उनको नेता बनाया,
कुछ करेंगे, हमारे और देश के लिए,
६९ सालो से जी रहे है इसी भ्र्म पर,
जो पहले था,
वही कुछ आज है,
झूठी सी उम्मीद दिए,
आँखों में बसा ख्वाब है,
नेताओ का पेट बढ़ जाये,
बच्चे ऑक्सफ़ोर्ड में पढ़ आये,
पैसो का ढेर लग जाये,
पर कागजो में विकास नज़र आये,
यही विकास है, यही विकास है |

12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 23/07/2016
    • mani 23/07/2016
    • mani 23/07/2016
  2. C.m.sharma(babbu) 23/07/2016
    • mani 23/07/2016
  3. Dr Chhote Lal Singh 23/07/2016
    • mani 24/07/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 23/07/2016
    • mani 24/07/2016
  5. sarvajit singh 24/07/2016
    • mani 24/07/2016

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