आजाद था, आजाद मरा………….मनिंदर सिंह “मनी”

आजाद था, आजाद मरा,
छोटी उम्र में,
पंद्रह बेंत बदन पर खा,
मासूम सूरत लिए,
कड़कती आवाज़ में,
भारत माता की जय,
नारा लगा,
देश आज़ाद करवाने का,
पक्का इरादा ले,
आजादी की लड़ाई में,
पहला कदम रखा,
पड़ती रही बेंत पर बेंत,
उधड़ती रही खाल,
रो उठी भारत माँ देख,
अपने बालक का हाल,
भारत माता की जय-२,
बोलने से,
ना रुका बाल,
जब तक बेहोशी ने,
घेरा नहीं लिया डाल,
सोचा नहीं था अंग्रेजो ने,
आगे चलकर,
बहुत बड़ा बिछाएगा जाल,
ऐसा नचाया अंगरेजों को,
भूल गए सब अपनी चाल,
हिल गया, बृटिश राज,
जिन्दा हर हाल में,
कैसे भी पकड़ो,
रख दिया सर पर भारी इनाम,
कहर बन उतरा,
भारत माँ के दिल पर,
जब दूसरा बेटा हो गया,
बेईमान,
चंद सिक्कों खातिर,
बेच दिया अपना ईमान,
चली गोलिया,
अल्फ्रेड पार्क में,
आजाद अकेला, वो हज़ारो में,
उतार दिया जाने कितनो को,
मौत के घाट,
बची आखिरी गोली,
अपने सर में मार,
चल पड़ा भारत माँ से मिलने,
जो देख रही थी उसकी बाट,
आजाद था आजाद मरा,
शत-शत प्रणाम, ऐसे वीर को,
जो कहा वो करा,
आजाद था, आजाद मरा,

नोट:- आज चंद्र शेखर आजाद जी का जन्म दिवस है, उनको याद कर, अपनी अंदर देश भक्ति का जज्बा पैदा कर, अपने देश के लिए कुछ करे ताकि वो जहाँ भी हो उनको अपने आप पर गर्व महसूस हो | शुरुआत आपने घर से अपने बच्चों से करे उनके बारे में बता कर जय हिन्द |

16 Comments

  1. babucm 23/07/2016
    • mani 23/07/2016
  2. Shishir "Madhukar" 23/07/2016
    • mani 23/07/2016
    • mani 23/07/2016
  3. Kajalsoni 23/07/2016
  4. mani 23/07/2016
  5. Meena bhardwaj 23/07/2016
    • mani 23/07/2016
  6. निवातियाँ डी. के. 23/07/2016
  7. mani 23/07/2016
  8. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 23/07/2016
    • mani 24/07/2016
  9. sarvajit singh 24/07/2016
    • mani 24/07/2016

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