दो बाते

दो बाते

किसी ने जी भर प्रेम रस बरसाया
किसी ने नफरत का दरिया बहाया
बस इन दो बातो मे जिदंगी कट गई
गिराया किसी ने तो उठना सिखाया ।।




डी. के. निवातियॉ[email protected]

20 Comments

  1. C.m.sharma(babbu) 23/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 23/07/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 23/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 23/07/2016
  3. सोनित 23/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 23/07/2016
  4. Shishir "Madhukar" 23/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 23/07/2016
  5. mani 23/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 23/07/2016
  6. Kajalsoni 23/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 23/07/2016
  7. Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 23/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 23/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 23/07/2016
  8. Meena bhardwaj 23/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 23/07/2016
  9. sarvajit singh 24/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 24/07/2016

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