सवाल…

जो आए मीडिया में, वो छाए रहमो-करम पर,
सफेदपोश मीडिया देखें, लाखों तरसें मरहम को,
नहीं कोई पूछनेवाला, न सुनता कोई आवाज,
जिंदगी की गाडी चलती बिना सुर बिना साज,
दलित-पिछड़ा-आदिवासी-गरीब रटते सब आज,
६९ वर्षों की आजादी में क्यों नहीं हुआ विकास,
क्यों नहीं कोई पूछता, क्यों नहीं उठती ये आवाज,
कितनी पीढियां लोगे और, कब संवरेगा राज,
खुद के लिए नहीं आयोग, नहीं है कोई रोक,
जितनी मर्जी उतना वेतन उतनी सुविधा भोग ।

विजय कुमार सिंह
vijaykumarsinghblog.wordpress.com
Note : ब्लॉग पर तस्वीर के साथ देखें.

17 Comments

  1. mani 22/07/2016
  2. C.m.sharma(babbu) 22/07/2016
  3. सोनित 22/07/2016
  4. Shishir "Madhukar" 22/07/2016
  5. निवातियाँ डी. के. 22/07/2016
  6. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/07/2016
  7. sarvajit singh 22/07/2016
  8. Meena bhardwaj 23/07/2016

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