महाभारत – शिशिर मधुकर

शांति की खातिर हम कब से अत्याचार सह रहे थे
किसी से कुछ ना कह कर बस चुपचाप रह रहे थे
शायद वो सब इसको हमारी कमजोरी समझते थे
तभी तो बिना बात हम से सारे बेईमान उलझते थे
अत्याचारियों ने आतंकी सीमाओं को जो तोड़ा हैं
प्रतिघात को ही निज रक्षा का उपाय एक छोडा हैं
अब हमने तय किया हैं पूरी शक्ति से हम भी लड़ेंगे
कुरुक्षेत्र के इस महाभारत में मगर पीछे नहीँ हटेंगे.

शिशिर मधुकर

27 Comments

  1. Dr Chhote Lal Singh 22/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/07/2016
  2. mani 22/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/07/2016
  3. babucm 22/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/07/2016
  4. Kajalsoni 22/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/07/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/07/2016
      • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/07/2016
  6. RAJEEV GUPTA 22/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/07/2016
  7. Meena bhardwaj 22/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/07/2016
  8. santosh71 22/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/07/2016
  9. अरुण कुमार तिवारी 22/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/07/2016
  10. Rinki Raut 22/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 22/07/2016
  11. निवातियाँ डी. के. 22/07/2016
  12. Shishir "Madhukar" 23/07/2016

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