आत्म दर्शन – शिशिर मधुकर (गुरु पूर्णिमा पर विशेष)

आत्म दर्शन के लिए अहं को त्यागना ज़रूरी है
पर इसके फंदे में तो फँसी हुई ये दुनियाँ पूरी है
इससे मुक्ति का कोई जादुई हल ना मिलता है
अभ्यास से ही ये मन अहं रहित हो खिलता है
गुरु हम जब भी कोई इस संसार में बनाते हैं
उसके चरणों में सारा अहं खुद से छोड़ आते हैं
उसके बाद आत्म उन्नति का मार्ग मिलता है
जिस पर चलकर इंसान पवित्र हो निकलता है

शिशिर मधुकर

25 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 19/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 19/07/2016
  2. mani 19/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 19/07/2016
  3. Shishir "Madhukar" 19/07/2016
  4. Dr Chhote Lal Singh 19/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 19/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 19/07/2016
  5. RAJEEV GUPTA 19/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 19/07/2016
  6. Dr Swati Gupta 19/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 19/07/2016
  7. Meena bhardwaj 19/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 19/07/2016
  8. निवातियाँ डी. के. 19/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 19/07/2016
  9. Manjusha 19/07/2016
  10. Shishir "Madhukar" 19/07/2016
  11. sarvajit singh 19/07/2016
  12. Shishir "Madhukar" 20/07/2016
  13. babucm 20/07/2016
  14. Shishir "Madhukar" 20/07/2016

Leave a Reply