दिल का अफ़साना

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अक्‍सर हम भूल जाते हैं उन को बताना
बस याद रह जाता हैं खुद का अफ़साना
दिल लगाया हैं तुम से बस इतना समझो
रूक जायेगी धडकन क्‍या हैं,हमें अजमाना
:[email protected] अभिषेक शर्मा
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8 Comments

  1. RAJEEV GUPTA 18/07/2016
  2. mani 18/07/2016
  3. babucm 18/07/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 18/07/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 18/07/2016
  6. sarvajit singh 18/07/2016
  7. Shishir "Madhukar" 19/07/2016

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