दिल के सौदें

———————————————————————————–
दिल के सौदों से हम घबरायें
उनकी नजर से अल्लाह बचायें
उनकी मासूमियत का जवाब नही
मुस्कुरा के वो सब लूट ले जायें

हसीं बहारों में उसको देखा है
चॉद सितारों मे उसको देखा है
आँखों के रास्ते से वो उतरी दिल में
हर हसीं ख्वाब में उसको देखा है
@:-अभिषेक शर्मा
———————————————————————————-
मुक्तक

13 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 16/07/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 16/07/2016
  3. RAJEEV GUPTA 16/07/2016
  4. babucm 16/07/2016
  5. mani 16/07/2016
  6. Dr Chhote Lal Singh 16/07/2016
  7. sarvajit singh 16/07/2016
  8. Kiran Kapur Gulati 17/07/2016

Leave a Reply