प्‍यार की कलम

Presentation2

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दिल के पन्‍नों पर प्‍यार की कलम से शुरूआत करेगें
कसमें न वादें अपनी कहानी में प्‍यार ही प्‍यार लिखेगें

अंदाज तेरा कुछ खास है हम हर दुआ तेरे नाम लिखेगें
गम को कर देगें रूसवा दिल में तेरी हसीं याद रखगें

अगर तुम से हो कोई गुनाह तो हर गुनाह अपने नाम लिखेगें
वफाओं से मुझे आबाद रखना ये पूरी उम्र अब तेरे नाम लिखेगें

अब तो हटा लो हम से परदा इस चाँद को हर रोज याद रखेगें
खफ़ा हो मेरी किसी बात पर तो अपने खून से तुझे पैगाम लिखेगें
(प्‍यार की कलम)@:-अभिषेक शर्मा
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8 Comments

  1. mani 14/07/2016
  2. babucm 14/07/2016
  3. Shishir "Madhukar" 14/07/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 14/07/2016
  5. sarvajit singh 14/07/2016

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