प्रभात वेला…………मनिंदर सिंह “मनी”

आसमान में लालिमा छाई,
अंधकार छठा, प्रभात वेला आई,
ठंडी ठंडी हवा का प्रवाह, लगा ऐसा,
चिड़ियों की चहचहाहट सुप्रभात कहने आई,
प्रभु के गुण गाती, धीमे से मन को आनन्दित,
करती मेरे कानो को हर धर्म की बाणी दी सुनाई,
कही से राम राम, अस्सलामे क़ुम, जय भोले,
सतश्री अकाल की प्यार, सम्मान से भरी आवाज़ आई,
हर कोई बड़ा शांत और हसमुख सा खुद को जी रहा,
कोई जोर जोर से हस्स रहा, किसी ने दौड़ लगायी,
फिर बढ़ने लगी भीड़, बच्चो को लेने स्कूल वाली वैन,
अख़बार वाला, दूध वाला, की आवाज़ ने नींद उड़ाई,
कुछ चल अपने दिए कामो पर, कुछ मंदिर, मस्जिद,
कुछ नयी उमंगो के साथ, फिर से प्रभात वेला आई,
आसमान में………………….

18 Comments

  1. सोनित 13/07/2016
    • mani 13/07/2016
    • mani 13/07/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 13/07/2016
    • mani 13/07/2016
  3. chandramohan kisku 13/07/2016
    • mani 13/07/2016
    • kiran kapur gulati 14/07/2016
      • mani 14/07/2016
  4. C.m.sharma(babbu) 13/07/2016
    • mani 14/07/2016
  5. sarvajit singh 13/07/2016
    • mani 14/07/2016
    • mani 14/07/2016
  6. Shishir "Madhukar" 14/07/2016
    • mani 14/07/2016

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