इश्क ने छीनी “सुर ताल”

———————————————————————————–
इश्क ने छीनी मेरी सब सुर ताल
नही पा रहा हूँ मै खुद को सम्भाल
कैसा यह दरिया है डूबते जा रहा हूँ
फंसे हम दोनों कैसा ये नफरत जाल
@:-अभिषेक शर्मा
———————————————————————————–

10 Comments

  1. सोनित 13/07/2016
  2. mani 13/07/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 13/07/2016
  4. C.m.sharma(babbu) 13/07/2016
  5. sarvajit singh 13/07/2016
  6. Shishir "Madhukar" 14/07/2016

Leave a Reply