दिव्यता – शिशिर मधुकर

जब अकेले घिरे हो तुम और कोई साथ में आ जाता है
वहीँ इंसान तुमसे फ़िर भगवान सी श्रद्धा भक्ति पाता है
एक दिव्यता होती हैं ऐसे कठिन समय के सब रिश्तों में
वरना अँधेरों में तो सदा अपना साया भी मुँह छुपाता है

शिशिर मधुकर

17 Comments

  1. babucm 12/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 12/07/2016
  2. mani 12/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 12/07/2016
  3. Shishir "Madhukar" 12/07/2016
  4. Meena bhardwaj 12/07/2016
  5. Shishir "Madhukar" 12/07/2016
  6. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 12/07/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 12/07/2016
      • Shishir "Madhukar" 12/07/2016
  7. Shishir "Madhukar" 12/07/2016
  8. sarvajit singh 12/07/2016
  9. Shishir "Madhukar" 12/07/2016
    • kiran kapur gulati 13/07/2016
  10. Shishir "Madhukar" 13/07/2016

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