सर्वदा शक्तिशाली रहूंगी मैं

न डरूंगी मैं, न सहम जाउंगी
आज, कल और सर्वदा
शक्तिशाली रहूंगी मैं।

मेहनत और द्रढ़संकल्प से
न किसी के परोपकार से
अपनी पहचान बनाउंगी मैं।

राह मैं मुश्किलें अवश्य आएँगी
जब मेरे कदम व् आत्मविश्वास
दोनों ही डगमगायेंगे।

तब कुछ पल के लिए
अपनी गति धीमी कर लुंगी
पर
न डरूंगी मैं, न सहम जाउंगी
आज, कल और सर्वदा
शक्तिशाली रहूंगी मैं।।

और यही सोच मेरी ,
दिलाती है आत्मविश्वास
कि
आहट इन क़दमों की,
सुनती पड़ेगी तब तक
तबदील न हो जाएँ, ये एक छाप मैं जब तक।।

7 Comments

  1. सोनित 11/07/2016
  2. tanuja 11/07/2016
  3. C.m.sharma(babbu) 11/07/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 12/07/2016
  5. Anni 12/07/2016
  6. mani 12/07/2016

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