इश्क़ में जिदंगी का इम्तिहान

कुछ पल वक्‍त से हम फ़रियाद करते हैं
दिल में वो जिसे आज हम इजहार करते हैं

इंतजार तो बहुत कर लिया हम ने
बस कुछ आखरी दुआ सलाम करते हैं

इम्तिहान क्‍या लिया इश्क़ में जिदंगी का
हर कत्ल के बाद भी हम आहा नहीं करते हैं

क्‍या हुआ उन्‍होने मेरा जिक्र नहीं किया कभी
हम आज भी कफन में लिपट कर उन्‍हें ही याद करते हैं
:[email protected]अभिषेक शर्मा

6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 09/07/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 09/07/2016
  3. अकिंत कुमार तिवारी 09/07/2016
  4. C.m.sharma(babbu) 09/07/2016
  5. mani 10/07/2016

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