बहते आंसुओं की जुबां नहीं होती.

बहते आंसुओं की जुबां नहीं होती.
लफ्जों में मोहोब्बत बयां नहीं होती.
मिले जो प्यार तो कद्र करना
किसमत यूं हर किसी पर मेहरबान नहीं होती

6 Comments

  1. C.m.sharma(babbu) 09/07/2016
  2. Shishir "Madhukar" 09/07/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 09/07/2016
  4. mani 09/07/2016

Leave a Reply