देखा है मैंने…………….मनिंदर सिंह “मनी”

इश्क को मुस्कुराते हुए देखा है मैंने,
मुहबत को करीब आते देखा है मैंने,
रेशमी जुल्फो को उलझाते देखा है मैंने,
मिलने के कई बहाने बनाते देखा है मैंने,
हर रोज किसी के लिए सवरते देखा है मैंने,
दर्पण के सामने गीत गुनगुनाते देखा है मैंने,
इंतज़ार को खुशी से आदत बनते देखा है मैंने,
रास्तो पर यादों को साथ चलते देखा है मैंने,
तुम चाहे कुछ भी ना कहो ऐ दिलबर मेरे,
तेरी नज़रो में खुद की तस्वीर को देखा है मैंने,

19 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 08/07/2016
    • mani 09/07/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 08/07/2016
    • mani 09/07/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 08/07/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 08/07/2016
    • mani 09/07/2016
  5. Meena bhardwaj 08/07/2016
    • mani 09/07/2016
    • mani 09/07/2016
  6. C.m.sharma(babbu) 08/07/2016
    • mani 09/07/2016
  7. sarvajit singh 08/07/2016
    • mani 09/07/2016
    • mani 09/07/2016
  8. RAJEEV GUPTA 09/07/2016
    • mani 09/07/2016

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