यह ज़रूरी तो नहीं

नज़र सभी की है तुम्ही पे
तुम्हारी नज़र सब पे हो
यह ज़रूरी तो नहीं
पाना तुमको है हसरत हमारी
हो जाये वो पूरी
यह ज़रूरी तो नहीं
बहारों में खिलते हैं गुल हज़ारों
चरणों तक तेरे सब पहुंचे
यह ज़रूरी तो नहीं
जीवन काँटों को. भी दिया तूने
चुभन का पता उन्हें भी हो
यह ज़रूरी तोनहीं
आती हैं खुशियां ज़िन्दगी में
रुक पाएं. वह सदा के लिए
यह ज़रूरी तो नहीं
वादे इरादे. करते हैं हम
उन्हें. निभा पाएंगे सदा
यह ज़रूरी तो नहीं
गुज़रे ज़माने. की बातें याद आती हैं अक्सर
भुला पाएंगे उन्हें. कभी
यह ज़रूरी तो नहीं
फरक अपने बेगाने का होता है क्या
समझ पाएं हर नज़र को हम
यह ज़रूरी तो नहीं
रह जाती मन में खलिश कोई
मिटा पाएंगे उसे कभी हम
यह ज़रूरी तो नहीं
रात का अँधेरा भटका देता है शायद
दिन के उजाले में पा जायेंगे सब
यह ज़रूरी तो नहीं
करती हूँ. याद. पल हर पल. तुझे
पहुँच पाऊंगी तुम तक कभी
यह ज़रूरी तो नहीं
जिसकी नज़र दिल पे करती है असर
हो जाएगी रेहमत उसकी कभी
कोई ज़रूरी तो नहीं
सवाल अनगिनित हैं लेकिन
जवाब सबका मिल जाये
यह ज़रूरी तो नहीं
अपना तुम्हे. जब मान लिया
तुमने भी हमें जान लिया
कैसे कह दें फिर
तेरा आना मेरी ज़िन्दगी में
ज़रूरी तो नहीं
तुम्हे अब अपनाना. पड़ेगा
गले से भी लगाना पड़ेगा
भूले भटकों को रास्ता दिखना पड़ेगा
फिर हमारा होना या न होना
नहीं ज़रूरी,कुछ भी ज़रूरी नहीं

16 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 08/07/2016
    • kiran kapur gulati 08/07/2016
    • kiran kapur gulati 08/07/2016
  2. RAJEEV GUPTA 08/07/2016
    • kiran kapur gulati 08/07/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 08/07/2016
    • kiran kapur gulati 08/07/2016
  4. mani 08/07/2016
    • kiran kapur gulati 08/07/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 08/07/2016
    • kiran kapur gulati 08/07/2016
  6. sarvajit singh 09/07/2016
    • kiran kapur gulati 09/07/2016
  7. Harendrra Pandit 09/07/2016
  8. kiran kapur gulati 09/07/2016

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