तू मुझे अपना बना

पास रह कर तो सब अपना बनते हैं..
तू मुझे दूरियों से अपना बना…
खुशियाँ दे कर तो सब दिल में उतर जाते हैं
तू मुझे जख्मो से अपना बना..
मेरी मुस्कराहट के दीवाने तो सब है
तू मेरे आंसुओ का दीवाना बन के मुझे अपना बना…
खुशियों की बात बात बाद में करते हैं
अभी तू बस मुझे अपना बना…
तन्हाईयों में रह कर भी मुझे तेरा एहसास हो
तू मुझे इस तरह अपना बना….
:– कविता शर्मा

10 Comments

  1. हरेन्द्र पंडित 07/07/2016
  2. C.m.sharma(babbu) 07/07/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 07/07/2016
  4. kanvara Ram delu, Barmer Raj. 08/07/2016

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