कलम

काफी दिनों बाद कलम उठाई है
दिल में एक चिंगारी सी पनप आई है
सोचा था छोड़ दूंगी ये कविताएँ लिखना
मगर फिर से एक कविता जहन में आई है
जिसकी खातिर छोड़ा था लिखना
उसी ने आज कलम हाथ में थमाई है
जो तम दूर किया था, वो छा गया फिर से
अब इस तम को दूर करने के लिए रौशनी की किरण आई है
मेरे दिल में फिर से एक कविता आई है
‪#‎कविता‬ से पूछते हो #कविता क्या है…?
यह बात आज तक समझ ना आई है
दारुण चेहरों के बीच ख़ुशी की झलक आई है
मेरी इस कविता में नवचेतना उभर आई है
काफी दिनों………
:– कविता शर्मा

11 Comments

  1. mani 07/07/2016
  2. C.m.sharma(babbu) 07/07/2016
  3. dknivatiya 07/07/2016
  4. Basudeo Agarwal 08/07/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 08/07/2016

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