मेरे पापा की बाइक…………मनिंदर सिंह “मनी”

घूर देती हर किसी को, मेरी लाड़ली बेटी,
मेरे पापा की बाइक है, इसे हाथ मत लगाना,
पीछे हो जाओ सारे, इस पर बैठ कर,
पापा संग घूमने दूर-दूर मुझे है जाना,
धु धु की आवाज़ निकाल, हैंडल हिलाना,
खड़े खड़े स्टैंड पर, झट से फ्री में घुमाना,
बड़ा सकूँ मिलता है उसकी बेफिक्र खुशी में,
उसे देख भूल नहीं पता मैँ मुस्कुराना,
देख थोड़ी सी लगी मिटटी, पापा पीछे हटो,
छोटे छोटे हाथो से कपडा ले उससे पोछना,
पापा कहा जा रहे हो ? मासूम सी हो पूछती,
मुझे भी घूमना है, काम से जल्दी आना,
अमेरिका. इंग्लैंड, कनाडा बिना वीजा,
घूम आता उसके पीछे बैठ जब मुझे होता जाना,
आँखों में ख़ुशी भर आती, दिल से निकलती दुआ,
उसका हर बात पर ठीक है बॉस कह जाना,

18 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 07/07/2016
    • mani 07/07/2016
  2. Meena bhardwaj 07/07/2016
    • mani 07/07/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 07/07/2016
    • mani 07/07/2016
  4. अरुण कुमार तिवारी 07/07/2016
    • mani 07/07/2016
  5. C.m.sharma(babbu) 07/07/2016
    • mani 07/07/2016
  6. RAJEEV GUPTA 07/07/2016
    • mani 07/07/2016
    • mani 07/07/2016
  7. Shishir "Madhukar" 07/07/2016
    • mani 07/07/2016
  8. sarvajit singh 08/07/2016
    • mani 09/07/2016

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