दिलों के जख्म – शिशिर मधुकर

सुना हैं वक्त के साथ घाव सब भर जाते हैं
दिलों के जख्म मगर ता उम्र दिल दुखाते हैं
खुशनसीब हैं जो अपना दर्द यहाँ रो लेते हैं
उनसे पूछो जो इसे मुस्कुराहटों में छुपाते हैं.

शिशिर मधुकर

16 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 06/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 07/07/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 06/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 07/07/2016
  3. sarvajit singh 06/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 07/07/2016
  4. C.m.sharma(babbu) 06/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 07/07/2016
  5. आदित्‍य 07/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 07/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 07/07/2016
  6. mani 07/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 07/07/2016
  7. Meena bhardwaj 07/07/2016
    • Shishir "Madhukar" 07/07/2016

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