आत्मनिर्भर मुस्कान

इस कीमती आत्म निर्भर मुस्कान को पाने के लिए
ना जाने कितने त्याग करने पड़े …..!!!
ना जाने कितने अरमानों को दिल में दफनाना पड़ा ..!!!
ना जाने कितने चाहतों की बलि चढ़ानी पड़ी…!!!
घर वालों के प्यार और उनके साथ से परे रहना….
अच्छे और बुरे वक़्त में माँ-बाप का साथ न मिलना…
तब कही जाकर ये आत्म निर्भर मुस्कान
आज इन होठों के घरौंदे में कैद हुई है….!!!

8 Comments

  1. mani 06/07/2016
  2. Shishir "Madhukar" 06/07/2016
  3. vinay kumar 06/07/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 06/07/2016
  5. निवातियाँ डी. के. 06/07/2016
  6. C.m.sharma(babbu) 06/07/2016
  7. sarvajit singh 06/07/2016

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