बरसात………………

हवाओं से पैगाम मिला हैं
मौसम का कुछ मिजाज बदला है

शांत हुई सागर की लहरें
तूफानों को विराम मिला है

पर्वतों से टकराते बादल
बरसातों को नया आगाज मिला है

बहारों मे आई नयीं उमंग
फुलवारीं को फूलों का नया उपहार मिला है

शांत पडा था सारा आलम
हर पक्षी को नया सुर ताल मिला है
(बरसात):[email protected]अभिषेक शर्मा

25 Comments

  1. Bhagchand Ahirwar 06/07/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 06/07/2016
  3. Shishir "Madhukar" 06/07/2016
  4. सोनित 06/07/2016
  5. mani 06/07/2016
  6. Meena bhardwaj 06/07/2016
  7. sarvajit singh 06/07/2016
  8. C.m.sharma(babbu) 06/07/2016
  9. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 06/07/2016
  10. आदित्‍य 07/07/2016
  11. अकिंत कुमार तिवारी 15/09/2016

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