चांदनी रात

ईद की पहली रात याद आती हैं
वो हसीं मुलाकात याद आती हैं

कैसेे मिली हमारी नज़र उन्‍से
चांदनी रात याद आती हैं

यू ना मुड़ मुड़ के देख महबूब मुझ को
तेरी नजरों में मुझे जन्नत नजर आती हैं

नहीं जानता मोहब्‍बत क्‍या होती हैं बेखबर हूं में
दिल पर लिख लिया तेरा नाम चाँद में अब तू नज़र आती हैं
(चांदनी रात):[email protected] अभिषेक शर्मा

18 Comments

  1. mani 05/07/2016
  2. अकिंत कुमार तिवारी 05/07/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 05/07/2016
  4. Shishir "Madhukar" 05/07/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 05/07/2016
  6. आदित्‍य 05/07/2016
  7. C.m.sharma(babbu) 05/07/2016
  8. sarvajit singh 05/07/2016

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