पहली नज़र का प्यार………मनिंदर सिंह “मनी”

सोचा चलो आज छत पर पतंग उड़ा ले,
आया रविवार बेफिक्र हो छुट्टी मना ले,
देख सामने सुंदर सी बाला ख्याल आया,
पंतग छोड़ तिरछी नज़र उस पर टिका ले,
ये कौन आई ? इस महोल्ले में नयी बाला,
पहले ये बुझारत जल्दी से बुझा ले,
धूमिल-धूमिल सी यादो की परत हटने लगी,
जाने पहचानी सी लगती, सोचा आवाज़ दे बुला ले,
अभी कुछ देर ही बीती थी, वो मेरे घर आ गयी,
एकटक निहारता रहा, सुझा ही नहीं अंदर बुला ले,
आये मोहल्ले में नए पडोसी थे हमारे,
हलकी हस्सी थी उसके चेहरे पर, मैंने कहा आप भी चाय ले,
उसकी सादगी, चेहरे का नूर देख, दिल में अरमान जागा,
ऐ खुदा ले ले हर खुशी मुझसे, बस इसे मेरा बना दे,
हैंडीकैप है मेरी बेटी, नकली लात है जुडवाई, सुन,
सुन्न सा रह गया, ऐसा लगा जैसे भरी नींद से कोई जगा दे,
पहली नज़र का प्यार था मेरा, कैसे छोड़ देता अधरास्ते में ?
कैसे भी करके अपनी माँ को मनाया ? उसको मेरा बना दे,
खुश हु मैँ अपनी जिंदगी के इस फैसले से, अब तो रूह खिल जाये,
लिखा कोई गीत “मनी” का, “इन्दर” अपनी आवाज़ में सुना दे,

22 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 04/07/2016
    • mani 04/07/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 04/07/2016
    • mani 04/07/2016
  3. saurabh pandey 04/07/2016
    • mani 04/07/2016
  4. Shishir "Madhukar" 04/07/2016
    • mani 04/07/2016
  5. C.m.sharma(babbu) 04/07/2016
    • mani 04/07/2016
  6. अरुण कुमार तिवारी 04/07/2016
    • mani 05/07/2016
  7. sarvajit singh 04/07/2016
    • mani 05/07/2016
  8. chandramohan kisku 05/07/2016
    • mani 05/07/2016
  9. अकिंत कुमार तिवारी 05/07/2016
    • mani 05/07/2016
    • mani 05/07/2016
    • mani 05/07/2016

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