मनोविनोद ……

मनोविनोद ……

सुना है जोडियाँ स्वर्ग मे बनती है,
अगर यह वास्तविकता है तो……
वजिब है वहां भी हो घोटालो
और रिश्वत का बोलबाला …।
क्योकि——->>>
हमने तो jयहां कई हूरो की किस्मत में लंगूर,
और कई बाँको को बंदरिया ..मिलते देखा है ।।

22 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 04/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 04/07/2016
  2. chandramohan kisku 04/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 04/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 04/07/2016
  3. sarvajit singh 04/07/2016
  4. Dr Swati Gupta 04/07/2016
  5. निवातियाँ डी. के. 04/07/2016
  6. Rinki Raut 04/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 04/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 04/07/2016
  7. mani 04/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 04/07/2016
  8. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 04/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 04/07/2016
  9. C.m.sharma(babbu) 04/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 04/07/2016
  10. sarvajit singh 04/07/2016
    • निवातियाँ डी. के. 05/07/2016

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