मुंतज़िर (Wait)

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खुदा की एक नायाब अता (gift ) है तू ,,,,
हर दिल की खव्वाइश,,,,और अांखो का खव्वाब है तू,,,,
किसी आतिब (writer ) का अलफ़ाज़ और किसी शायर की नज़्म है तू ,,,,
बारिश की बूँदों की छम छम में छुपा एहसास है तू ,,,,
इंद्रधनुष में बिखरे रंगो की छटा है तू ,,,,
रात के अंधरे को चीरती चांदनी है तू,,,,,
और दिन के उजाले में चमकती धूप है ,,,,
कभी बादलों पे उभरती तस्वीर है ,,,
तो कभी आबशार (waterfall) से गिरता नूरानी पानी है,,,,
कभी चेहरे पे आती हंसी है तू,,,
तो कभी आँखों में आता पानी है ,,,,
तू तसवर (imagination) है सिर्फ मेरी या कोई हकीकत है,,,,
हर आहट पर तुझे ढूंढती मेरी नज़र है ,,,,
मुंतज़िर (waiting) रहती है ये आँखे बस तेरे लिए ही हर पल ,,,,
होता है एहसास जैसे मेरे आस पास ही है तू यही कहीं पर।

By AMIT ARORA

7 Comments

  1. mani 04/07/2016
    • Amit 04/07/2016
  2. Shishir "Madhukar" 04/07/2016
    • Amit 04/07/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 04/07/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 04/07/2016
  5. C.m.sharma(babbu) 04/07/2016

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