ख्वाहिश……..मनिंदर सिंह “मनी”

आँखों में आसुओ को बसाने की,
आदत सी बन गयी,
तुझको अपना बनाने की ख्वाहिश,
ख्वाहिश सी बन गयी,
जख्म दिए तूने हर वक्त हर रोज,
कुरेदने की चाहत सी बन गयी,
पहले थी जुस्तजू तुझको पाने की,
तेरे ना लौटने की बात, राहत सी बन गयी,
तेरी मुस्कराहट, तेरी यादें, तेरी बातें,
बन परछाई मेरे साथ जुड़ गयी,
तेरे नाम का मेरे नाम से पहले लिया जाना,
मेरी पहचान सी बन गयी |

14 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 03/07/2016
    • mani 03/07/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 03/07/2016
    • mani 03/07/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 03/07/2016
    • mani 03/07/2016
  4. C.m.sharma(babbu) 03/07/2016
    • mani 03/07/2016
    • mani 03/07/2016
  5. sarvajit singh 03/07/2016
    • mani 03/07/2016
  6. अकिंत कुमार तिवारी 03/07/2016
    • mani 03/07/2016

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