इस जहां में यादें छोड़ जाएंगे।

This poem shows the emotions.

इस संसार में हम अकेले ही आये हैं, अकेले ही जाएंगे।
खाली हाथ आये थे और खाली हाथ जायेंगे।
पर इस जहां में अपनी यादें छोड़ जाएँगे।
लोगो की बातों में हमारा ही जिक्र होगा।
अपनों के ख्वाबो में हमारी तस्वीर होगी।
किसी के होंठों पर मुस्कुराहट
तो किसी की आँखों में आँसू बनकर नजर आएँगे।
इस तरह इस जहां में अपनी यादें छोड़ जाएँगे।
अपने नाम को एक पहचान देकर जाएँगे।
स्वाति नाम को लोगों की जुबां पर छोड़ जाएंगे।
काम कुछ ऐसा करके जाएंगे कि
यहाँ से जाने के बाद भी सबको बहुत याद आएँगे।
इस तरह इस जहां में अपनी यादें छोड़ जाएंगे।

By:Dr Swati Gupta

14 Comments

    • Dr Swati Gupta 03/07/2016
  1. mani 02/07/2016
    • Dr Swati Gupta 03/07/2016
    • Dr Swati Gupta 03/07/2016
  2. C.m.sharma(babbu) 02/07/2016
    • Dr Swati Gupta 03/07/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 03/07/2016
    • Dr Swati Gupta 03/07/2016
  4. Shishir "Madhukar" 03/07/2016
    • Dr Swati Gupta 03/07/2016
  5. Rinki Raut 03/07/2016
    • Dr Swati Gupta 03/07/2016

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