दो कदम – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

दो कदम

तूफ़ान से टकराने की हिम्मत …………………………..
कभी रखते थे हम उनकी मोहब्बत में
दो कदम अब चल नहीं सकते ………………………..
दिल के टूट जाने के बाद

शायर : सर्वजीत सिंह
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12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 09/07/2016
    • sarvajit singh 09/07/2016
    • sarvajit singh 09/07/2016
  2. mani 09/07/2016
    • sarvajit singh 09/07/2016
    • sarvajit singh 09/07/2016
  3. C.m.sharma(babbu) 09/07/2016
    • sarvajit singh 10/07/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 09/07/2016
  5. sarvajit singh 10/07/2016

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