कुछ पल

उनकी आँखें जब हमसे जुदा होने लगीं,
घड़ियाँ कुछ पल के लिये रुक गयीं और सिसक कर रोने लगीं,
मैंने बाहें भी फैलायीं उन्हें कुछ पल और रोकने के लिये,
पर उन्होंने कहा कि मुझे तेरी आँखों में कुछ पल और देखने दे………!!

8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 01/07/2016
  2. babucm 01/07/2016
    • pandey sauabh 01/07/2016
  3. Amar Chandratrai 01/07/2016
    • pandey sauabh 01/07/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 01/07/2016
    • pandey sauabh 01/07/2016
  5. mani 01/07/2016

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