लौट जाने आयेंगें

जानते है तुमको याद नही आयेंगें
इक रोज पर हम चले जाने आयेंगें

तन्हाई में काट दी ये जिन्दगी मेंने
फिर अगले जन्म मे तुझे पाने आयेंगें

तेरी बेरूखी को कैसे स्वीकार लें
हम मोहब्बत फिर जताने आयेंगें

रोक दो नए आशिको को अभी वर्ना
आँसू इस महफिल मे वहाने आयेंगें

दर्द से रिश्ता जरा करीब का रहा
शाम होगी आँसू फिर ठिकाने आयेंगें

5 Comments

  1. Amar chandratrai Pandey 30/06/2016
  2. babucm 30/06/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 30/06/2016

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