जलसा ………..

जब जब भी जुबाँ पे तेरा नाम आता है
सिहर उठता है बदन दिल मुस्काता है
हसीन लगने लगती है हर एक फिजा
वीराने में भी लगा जलसा नजर आता है !!

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डी. के. निवातियाँ [email protected]@@

26 Comments

    • निवातियाँ डी. के. 29/06/2016
  1. sarvajit singh 29/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 29/06/2016
  2. Shishir "Madhukar" 29/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 29/06/2016
  3. Amar Chandratrai 29/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 29/06/2016
  4. mani 29/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 29/06/2016
  5. सोनित 29/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 29/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 29/06/2016
  6. सोनित 29/06/2016
  7. Shyam tiwari 29/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 29/06/2016
  8. Dr Swati Gupta 30/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 30/06/2016
  9. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 30/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 30/06/2016
  10. babucm 30/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 30/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 30/06/2016
  11. Meena bhardwaj 30/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 30/06/2016

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