गुलिस्तां…..सी. एम. शर्मा (बब्बू)…

एक गुलिस्तां तुम्हारा है… एक हमारा भी है….
तुम्हारे फूल खिलते है…हम फूल खिलाते हैं…
तुम फूलों से महबूब का सिंगार करते हो….
हम फूलों के जीवन को सजाया करते हैं….
नहीं कुछ होता हमसे….इतना तो करते हैं….
किसी बच्चे को गुदगुदाते हैं… उस की हंसी में खो जाते हैं…..

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/सी. एम. शर्मा (बब्बू)

16 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 28/06/2016
    • babucm 29/06/2016
  2. mani 28/06/2016
    • babucm 29/06/2016
    • babucm 29/06/2016
  3. Amar Chandratrai 28/06/2016
    • babucm 29/06/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 28/06/2016
    • babucm 29/06/2016
  5. sarvajit singh 28/06/2016
    • babucm 29/06/2016
    • babucm 29/06/2016
  6. अरुण कुमार तिवारी 29/06/2016
    • babucm 29/06/2016

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