बधाई हो बधाई हो…… मनिंदर सिंह “मनी”

बधाई हो बधाई हो
आवाज़ मेरे कानो में पड़ी, देखा किन्नरों की ने आवाज़ लगाई,
हुआ तुझको बेटा लेने आये है उसकी तुझसे बधाई,
इक्कीस हजार से कम न लेंगे, पहले बता देते है तुझको,
मैंने देखा अपनी पत्नी की तरफ, उसके माथे पर चिंता की लकीरे छाई,
हम से इतना ना बन पड़ेगा, ग्यारा सौ से ज्यादा औकात नहीं मेरी,
फेंक के मारे किंनर ने, इक्कीस हज़ार से कम ना लेंगे बधाई,
मेरी माँ मुझसे बोली बेटा,इनकी बद्दुआओं में असर बहुत होता है,
जिसके मुंह पर हाथ फिर जाये उसकी तो बर्बादी निकट आई,
सारा घर छान मारा मैंने, जो था सब कुछ समेट लिया मैंने,
पर फिर भी ज्यादा कुछ ना बना, उनके आगे रख दी पाई पाई,
देखो तुम्हारा वो हाल करेंगे तुम उम्र भर याद रखोगे,
नंगा नाच करेंगे तेरे आगे, गंदे गंदे लफ्ज़ो की आवाज़ आई,
जल्दी से कान की बलिया उतार कर दे दी, मेरी श्रीमती ने,
हलकी देख फिर से फेंक कर मारी और किन्नरों की फ़ौज अंदर आई,
लगा ऐसा बधाई नहीं वसूली मांग रहे हो, कुछ कहा बुरा ना हो जाये,
कही शाप दे ना जाये, मेरी परिवार वालो के माथे पे चिंता छाई,
शौर बढ़ता ही जा रहा था, अजीब अजीब से अलफ़ाज़ हर तरफ,
मेरी माँ एक चैन जो पुरखो की निशानी झट से निकाल लायी,
अब ना खाने को था, ना बच्चे की दवा दारु को कुछ,
जो कुछ था सब कुछ समेट के ले गए वो, सोचता मैँ ये कैसी दे गए बधाई ?,
एक अंधविस्वास, या कुछ और कहु, दे गए दर्द और भूख,
हुआ बेटा मेरे घर, लेने किंनर आए थे मुझसे बधाई |
बधाई हो बधाई हो……

21 Comments

  1. Amar Chandratrai 28/06/2016
    • mani 28/06/2016
  2. Shishir "Madhukar" 28/06/2016
    • mani 28/06/2016
  3. babucm 28/06/2016
    • mani 28/06/2016
  4. Rajeev Gupta 28/06/2016
    • mani 28/06/2016
    • mani 28/06/2016
  5. अरुण कुमार तिवारी 28/06/2016
    • mani 28/06/2016
  6. निवातियाँ डी. के. 28/06/2016
    • mani 28/06/2016
  7. sarvajit singh 28/06/2016
    • mani 28/06/2016
    • mani 28/06/2016
  8. chandramohan kisku 28/06/2016
    • mani 29/06/2016

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