एहसास…….. (बता के तो देखो)

यूँ महफूज़ हो मेरे प्‍यार के दामन में..
किभी इसको ,तुम छुड़ा के तो देखो

जफाओं में पड़ के ,लबों को सी लिया हैं..
जो दिल के हैं एहसास ,बता के तो देखो

दिलों की हैं आग , तड़प सी लगी हैं..
कभी तुम भी इसमें तड़प के तो देखो

रो लिया हैं तुम ने यूँ नजरें चुराके के ..
थोड़ी नजरें हमीं पे उठा के तो देखो

दूर जाना तो , आसां है बहुत…
कभी नज़दीकियां अपना के तो देखो
:[email protected]अभीषेक शर्मा

17 Comments

  1. mani 27/06/2016
  2. आदित्‍य 27/06/2016
  3. आदित्‍य 27/06/2016
  4. अरुण कुमार तिवारी 27/06/2016
  5. अकिंत कुमार तिवारी 27/06/2016
  6. निवातियाँ डी. के. 27/06/2016
  7. sarvajit singh 27/06/2016
  8. babucm 28/06/2016

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